शारदा शिन्हा भोजपुरी लोक गीत जगत में एक ऐसा नाम जिसे आपको बताने की जरुरत नहीं अब वो हमारे बिच नहीं रहीं लेकिन वो हमारे बिच हमेशा रहेंगी क्योंकि उन्होंने सैकड़ो भोजपुरी, हिंदी और मैथली लोक गीतों को अपने आवाज से नवाजा जिसमे पनिया के जहाज से पलटनिया लेले अइह ,सेनुरा बंगाल के , बाबा दिहले नथिया, अपना बलमा के जगावे, तार बिजली के जैसे मोरे पिया मैंने प्यार किया में कहे तो से सजनी मैं तोहरी सजनिया ऐसे ही गीतों से शारदा शिंह ने लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई पिछले कई दिनों से उनकी तबियत ख़राब चल रही थी तबियत ख़राब होने के दौरान उनको दिल्ली AIIMS में भर्ती कराया गया था डॉक्टर ने उन्हें भेंटीलेटर पर रखा था इस दौरान सोशल मिडिया पर उनके निधन की झूठी खबर चलने लगी तब उनके पुत्र अंशुमन शिन्हा ने अपने फेसबुक पेज से विडियो जारी किया और बताया की उनकी निधन की खबर गलत है कुछ न्यूज़ वाले TRP के लिए ऐसा कर रहे हैं अभी माँ हैं अगर कोई बात होगी तब मैं आप सबको जरुर बताऊंगा | करीब कल रात 09 बजे से 10 बजे उनके निधन की खबर को अंशुमन शिन्हा ने अपनी माँ के फेसबुक पेज पर पोस्ट किया | पोस्ट करते ही पुरे भारत में एक गम की लहर फ़ैल गई |
